Friday, 10 July 2020

वृक्ष प्राण आधार

स्वच्छ वायु स्वास्थ्य के लिए अत्यावश्यक है। प्राणिक ऊर्जा या जीवन ऊर्जा के मुख्य स्रोत है सूर्य, जल, हवा और जमीन।
पेड़ पौधे हमें प्राण वायु देते हैं। इनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। ऑक्सीजन के बिना इस पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है।  हमारे जीवन के लिए भोजन, पानी एवं हवा की आवश्यकता होती है, साँस लेना एक ऐसी प्रक्रिया है जो निरंतर चलती है हम आक्सीजन गैस लेते है । आम आदमी को यह जानना बहुत जरुरी हैं कि साँस लेने के लिए जो गैस हम लेते है वह पौधों से प्राप्त होता है। यदि पौधे न हो तो हमें साँस लेने के लिए सुद्ध हवा ओक्सिजन नहीं प्राप्त होगा । इसलिए सब लोग वृक्ष लगाये और उसे बचाये। पर्यावरण संरक्षित करना हम सबका कर्तव्य है ।

प्राण सभी शारीरिक कार्यों को विनियमित करता है, उदाहरणार्थ श्वास, ऑक्सीजन की आपूर्ति, पाचन, निष्कासन-अपसर्जन और बहुत कुछ। मानव शरीर का कार्य एक ट्रांसफॉर्मर की भांति है, जो विश्व भर में प्रवाहित प्राण से ऊर्जा प्राप्त करता है, इस ऊर्जा का आवंटन करता है और फिर इसे समाप्त कर देता है। यदि किसी व्यक्ति या कमरे में स्वस्थ, व्यवस्थित स्पंदन है, तो हम कहते हैं "यहां अच्छा प्राण है"। इसके विपरीत रुग्णता, प्राण के प्रवाह में बाधा डालती है या रोकती है। हम ज्यों-ज्यों प्राण को नियन्त्रित करने की योग्यता विकसित करते हैं, हम शरीर और मन दोनों के स्वास्थ्य व समन्वय को प्राप्त कर लेते हैं।

प्राण के बलवान् होने पर समस्त शरीर के अवयवों में बल , पराक्रम आते है और पुरुषार्थ , साहस , उत्साह , धैर्य ,आशा , प्रसन्नता , तप , क्षमा आदि की प्रवृति होती है . प्राण के संयोग से जीवन और प्राण के वियोग से मृत्यु होती है । प्राण समस्त जीवन का आधार और सार है; यह वह ऊर्जा और तेज है, जो सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है।

पेड़ सांस लेने का स्रोत हैं.  पेड़ को काटकर हम अपनी ही ज़िन्दगी कम  कर  है। हमारे फेफड़ों और  शरीर के स्वास्थय के  लिए हमे पेड़ो का ख्याल पूरी तरह से रखना बहुत आवशयक है।

No comments:

Post a Comment